सौवीं बार “price?” का जवाब
कीमत कैप्शन में लिखी है। फिर भी दिन में चालीस बार पूछी जाती है — उन लोगों से भी जो कभी खरीदेंगे ही नहीं।
डिजिटल प्रोडक्ट, बुकिंग और हाथ से बनी चीज़ें एक ही लिंक से बेचिए। UPI चेकआउट, WhatsApp बटन जिनमें ऑर्डर पहले से लिखा हो, वेबसाइट की ज़रूरत नहीं।
अंग्रेज़ी अक्षर, अंक और डैश चलेंगे। बाद में बदल भी सकते हैं।
फ़ोन पर एक विक्रेता की दुकान की झलक: चेन्नई की इलस्ट्रेटर मीरा अय्यर — डाउनलोड होने वाला प्रिंट पैक, बुक किया जा सकने वाला पोर्टफ़ोलियो रिव्यू, और हाथ से बाँधी गई नोटबुक। यही दुकान डेमो पेज पर पूरी दिखती है।
DM में बिक्री
एक ऑर्डर के पीछे दस मैसेज। दिन यहीं निकल जाता है।
कीमत कैप्शन में लिखी है। फिर भी दिन में चालीस बार पूछी जाती है — उन लोगों से भी जो कभी खरीदेंगे ही नहीं।
कोई धुँधला स्क्रीनशॉट भेज देता है। आप बैंक ऐप खोलकर देखते हैं कि पैसा आया या नहीं, फिर वही ऑर्डर दोबारा ढूँढते हैं।
नाम, पिनकोड, लैंडमार्क, फ़ोन — छह मैसेज में बिखरा, और चैट आगे बढ़ते ही गायब। पैकिंग के वक्त फिर से पूछना पड़ता है।
काम कैसे करता है
कोई डेवलपर नहीं, कोई डिज़ाइनर नहीं, किसी का इंतज़ार नहीं।
लिंक चुनिए, एक फ़ोटो और दो लाइन में बताइए कि आप क्या बनाते हैं। पेज उसी वक्त लाइव हो जाता है।
फ़ाइल अपलोड कीजिए, अपना कैलेंडर खोलिए, या हाथ से बनी चीज़ लिस्ट कीजिए। कीमत लगाइए, बस हो गया।
Instagram बायो, WhatsApp स्टेटस और YouTube डिस्क्रिप्शन — एक ही लिंक, सबकी जगह।
खरीदार UPI या कार्ड से पेमेंट करते हैं। पैसा आपके पेमेंट गेटवे खाते में जाता है और वहाँ से आपके बैंक में।
आप क्या बेच सकते हैं
ज़्यादातर लोग एक से शुरू करते हैं और ऑर्डर बढ़ने पर बाकी जोड़ लेते हैं।
पेमेंट होते ही डिलीवरी हो जाती है, रात बारह बजे फ़ाइल ईमेल करने की ज़रूरत नहीं। हर खरीदार को अपना डाउनलोड लिंक मिलता है जो कभी खत्म नहीं होता — और अगर कोई लिंक वहाँ पहुँच जाए जहाँ नहीं जाना चाहिए, तो आप देख सकते हैं वो किसका था और सिर्फ़ उसी को बंद कर सकते हैं।
Five high-resolution files of Chennai's old window grilles, ready to print at A3.
₹299₹399
भारत के लिए बना
कोई विदेशी प्रोडक्ट नहीं जिस पर रुपये का निशान चिपका दिया गया हो।
GPay, PhonePe, Paytm या कोई भी UPI ऐप, और साथ में कार्ड व नेटबैंकिंग। कोई स्क्रीनशॉट जाँचने की ज़रूरत नहीं।
पैसा सीधे आपके अपने बैंक खाते में पहुँचता है। न कोई वॉलेट जिससे निकालना पड़े, न कोई न्यूनतम रकम, न बैलेंस जमा होने का इंतज़ार।
ऐसे बटन जिनसे WhatsApp खुले तो ऑर्डर पहले से लिखा मिले, आपके ग्रुप और चैनल के लिंक, और हर ऑर्डर पर एक टैप में “WhatsApp पर सेव” — न कोई API, न हर संदेश का खर्च।
दुकान किसी भी भाषा में चलाइए। खरीदार को कीमत और ऑर्डर अपडेट उसी भाषा में दिखेंगे जो वो पढ़ते हैं।
दुकान का पेज छोटे शहर के कमज़ोर 4G पर खुलने के लिए बना है, सिर्फ़ ऑफ़िस के वाई-फ़ाई पर नहीं।
वही लिंक Instagram बायो, WhatsApp स्टेटस और YouTube डिस्क्रिप्शन — तीनों जगह काम करेगा।
किसके लिए है
फ़िज़िक्स टीचर, कोटा
बारहवीं के नोट्स और NEET टेस्ट सीरीज़ PDF में बेचती हैं, एक-एक बच्चे को फ़ॉरवर्ड करने की जगह।
फ़िटनेस कोच, पुणे
हफ़्ते में बारह कंसल्टेशन स्लॉट खोलते हैं और बुकिंग के साथ ही पेमेंट मिल जाता है, तीसरी याद दिलाने के बाद नहीं।
फ़ूड क्रिएटर, हैदराबाद
Reels से बनाए अपने दर्शकों को तेलुगु रेसिपी ईबुक बेचती हैं, उसी लिंक से जो बायो में पहले से है।
लेदर कारीगर, कोझिकोड
वॉलेट को दस दिन की लीड टाइम के साथ ऑर्डर-पर-बनने वाला लिस्ट करते हैं, ताकि कोई यह न पूछे कि कब भेजेंगे।
कीमत
अपनी दुकान मुफ़्त में बनाइए, और लाइव होने के लिए तैयार हों तब प्लान चुनिए। खरीदार का दिया हर रुपया आपका है, सिर्फ़ पेमेंट गेटवे का अपना शुल्क कटता है।
एक लिंक से बेचने के लिए जो कुछ चाहिए।
₹99हर महीने
जब बेचना ही काम बन जाए।
₹299हर महीने
UPI, कार्ड और नेटबैंकिंग पर पेमेंट गेटवे का शुल्क ही बिक्री से कटने वाली अकेली रकम है, और वो भी लागत पर। YouPage हर प्लान पर 0% लेता है।
सवाल
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अपना लिंक लीजिए और दुकान मुफ़्त में बनाइए। ₹99 महीने से लाइव हो जाइए।